IAS Smita Sabharwal: सिर्फ 23 की उम्र में बनीं IAS, जानिए सबसे खूबसूरत आईएएस ऑफिसर की सफलता की कहानी

Smita Sabharwal News: आईएएस ऑफिसर बनना आजकल बहुतों का सपना है। बहुत लोगों का ख्वाब होता है कि उसके नाम के आगे आईएएस लगे। देश में बहुत से ऐसे आईएएस ऑफिसर हैं जो अपनी किसी खास वजह के जरिए लोगों के बीच फेमस हैं। उन्होंने बहुत से ऐसे रिकॉर्ड बना के छोड़ जिन्हे आज तोड़ना खाला जी का बाड़ा नहीं।

IAS Smita Sabharwal: आईएएस ऑफिसर बनना आजकल बहुतों का सपना है। बहुत लोगों का ख्वाब होता है कि उसके नाम के आगे आईएएस लगे। देश में बहुत से ऐसे आईएएस ऑफिसर हैं जो अपनी किसी खास वजह के जरिए लोगों के बीच फेमस हैं। उन्होंने बहुत से ऐसे रिकॉर्ड बना के छोड़ जिन्हे आज तोड़ना खाला जी का बाड़ा नहीं।

आईएएस ऑफिसर स्मिता सभरवाल

हम आज यहाँ आईपीएस ऑफिसर स्मिता सभरवाल की बात करेंगे। स्मिता सभरवाल का जन्म 19 नवंबर 1977 को पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में हुआ था। उनके पिता रिटायर्ड आर्मी ऑफिसर कर्नल प्रणब दास हैं।

12वीं में रहीं टॉपर

उनकी मां पूरबी दास हैं। पिता के सेना में रहने की वजह से स्मिता अलग-अलग शहरों में पली-बढ़ीं। रिटायरमेंट के बाद वे हैदराबाद में बस गए। स्मिता की स्कूली शिक्षा वहीं हुई। वह 12वीं में आईएससी टॉपर थीं। फिर उन्होंने कॉमर्स स्ट्रीम में ग्रेजुएशन किया।

23 साल की उम्र में आईएएस बन गईं

यहां हम जिस महिला अधिकारी की बात करने जा रहे हैं, उन्हें पीपुल्स ऑफिसर कहा जाता है। वह महज 23 साल की उम्र में आईएएस बन गईं। उनका नाम स्मिता सभरवाल है। स्मिता सभरवाल को आईएएस अधिकारी के तौर पर उनके बेहतरीन काम के लिए कई पुरस्कार मिल चुके हैं।

हासिल की चौथी रैंक

वह देशभर के आईएएस उम्मीदवारों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। स्मिता 2000 बैच की आईएएस टॉपर हैं। उन्होंने चौथी रैंक हासिल की थी। स्मिता सभरवाल (IAS Smita Sabharwal) पहले प्रयास में प्रीलिम्स परीक्षा भी पास नहीं कर पाई थीं। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और मेहनत दोगुनी कर दी।

यूपीएससी परीक्षा पास करने वाली सबसे कम उम्र की छात्रा

2000 में अपने दूसरे प्रयास में वे यूपीएससी परीक्षा पास करने वाली सबसे कम उम्र की छात्रा बन गई। इसमें उन्होंने अखिल भारतीय स्तर पर चौथा स्थान हासिल किया।स्मिता सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी कर्नल पीके दास और पूरबी दास की बेटी हैं। मूल रूप से दार्जिलिंग की रहने वाली स्मिता ने नौवीं कक्षा से हैदराबाद में पढ़ाई की है। उन्होंने सेंट लुइस से 12वीं की पढ़ाई पूरी की। हैदराबाद के मर्रेदपल्ली के ऐनी से।

उन्होंने बारहवीं कक्षा में प्रथम स्थान हासिल किया। बाद में उन्होंने सैन फ्रांसिस्को महिला कॉलेज से बी.कॉम किया। स्मित पहले प्रयास में आईएएस परीक्षा में असफल हो गए। 2000 में उन्होंने दूसरी बार परीक्षा दी। इस बार उन्होंने न केवल परीक्षा पास की बल्कि चौथा स्थान भी हासिल किया।

तेलंगाना कैडर में आईएएस के तौर पर ट्रेनिंग

इसके बाद स्मिता ने तेलंगाना कैडर में आईएएस के तौर पर ट्रेनिंग ली। वे चित्तूर में डिप्टी कलेक्टर थीं। इसके अलावा वह कडप्पा ग्रामीण विकास एजेंसी की परियोजना निदेशक, वारंगल नगर निगम आयुक्त और कुरनूल संयुक्त कलेक्टर रहीं। स्मिता को जहां भी रखा गया, उन्होंने लोगों के दिलों में अपनी जगह बनाई। उनकी छवि एक लोक सेवक की बन गई।

तेलंगाना की मुख्यमंत्री कार्यालय में तैनात पहली महिला आईएएस अधिकारी

अपने कार्यकाल के दौरान स्मिता ने कई बड़ी जिम्मेदारियां संभालीं। उन्हें तेलंगाना राज्य में कई सुधारों के लिए जाना जाता है। आईएएस स्मिता तेलंगाना की मुख्यमंत्री बमुख्यमंत्री कार्यालय में तैनात पहली महिला आईएएस अधिकारी हैं। स्मिता ने आईपीएस अधिकारी डॉ अकुन सभरवाल से शादी की।

उनके दो बच्चे नानक और भुविश हैं। स्मिता सभरवाल की सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हुई। उनकी कार्यशैली और गरीबों की मदद करने के जज्बे की खूब तारीफ हुई। स्मिता सभरवाल ने यह साबित कर दिया कि एक महिला, जो सेना के परिवार से आती है, अपनी मेहनत से भारत की सबसे कठिन परीक्षा UPSC पास कर सकती है। वे आज हर UPSC उम्मीदवार और हर महिला के लिए एक रोल मॉडल हैं।

Sunil Yadav

सुनील यादव पिछले लगभग 15 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों में ( India Tv, Times Now,… More »
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